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गेमिंग से आगे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दुनिया

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कैप्शन : 1950 के दशक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक के आविष्कार के बाद से, AI का उपयोग कई क्षेत्रों में हो रहा है, जिनमें वीडियो गेम उद्योग भी शामिल है

आज, नई तकनीकें हर जगह मौजूद हैं। वीडियो गेम की दुनिया में, गेम डेवलपर्स ऐसे आकर्षक गेम बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जिन्हें हर प्रकार के माध्यम पर खेला जा सके, जैसे PS4 से लेकर स्मार्टफ़ोन तक, साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नियमों और एल्गोरिदम के संयोजन पर भी। लेकिन यह एल्गोरिदम वास्तव में कैसे काम करता है ? गेमिंग में इसका सफ़र क्या रहा है, और अंततः हमारे रोज़मर्रा के जीवन में यह कहाँ तक पहुँचा है?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता या AI बड़ी मात्रा में डेटा को तेज़ी से संसाधित करने वाले बुद्धिमान एल्गोरिदम के साथ जोड़ती है, ताकि सॉफ़्टवेयर डेटा के पैटर्न या विशेषताओं से स्वयं सीख सकें।

गेमिंग क्षेत्र

 फ़ोटो अज्ञात द्वारा / CC0

कैप्शन : AI वाले गेम पूरी तरह इस पर आधारित होते हैं कि इंसान हर स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया करते हैं और वे कैसे हरकत करते हैं

वीडियो गेम या गेमिंग क्षेत्र नई तकनीकी प्रगति पर सबसे अधिक नज़र रखे जाने वाले क्षेत्रों में से एक है, और AI भी इसका अपवाद नहीं है। AI स्टार्टअप Roanuz Softwares के संस्थापक और CEO Anto Binish Kaspar बताते हैं कि : « वीडियो गेम असीमित रूप से
प्रक्रियात्मक (procedural) होते हैं,
वे वातावरण और स्थितियाँ तुरंत उत्पन्न करते हैं और खिलाड़ियों को आभासी दुनिया में वह कोई भी कार्य करने देते हैं जो वे वास्तविकता में कर सकते हैं। इससे भी आगे, वीडियो गेम अपने खिलाड़ियों की भावनात्मक और मानसिक स्थिति का जवाब देता है, वह मानवीय व्यवहार के अनुसार स्वयं को ढालता है और प्रतिक्रिया देता है, तथा समय के साथ विकसित होता है। AI तकनीक वाले हर गेम में सख़्त नियम और कायदे होते हैं ».

1950 के दशक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक के आविष्कार के बाद से, AI का उपयोग गेम क्षेत्र में प्रतिक्रियात्मक, अनुकूली या बुद्धिमान व्यवहार उत्पन्न करने के लिए किया जा रहा है, मुख्यतः गैर-खिलाड़ी पात्रों (NPC) में जो मानवीय बुद्धिमत्ता के समान होते हैं। « जो गेम AI तकनीक का उपयोग करता है, वह 50% मनोवैज्ञानिक और 50% AI पर आधारित होता है », Anto Binish Kaspar स्पष्ट करते हैं। इसलिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले गेम पूरी तरह इस पर आधारित होते हैं कि इंसान हर स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया करते हैं और वे कैसे हरकत करते हैं।

उत्पत्ति से भविष्य की प्रगति तक

यदि हम अतीत की ओर देखें, तो PAC
Man
, Mario या फिर Don Crawler Dead Cells जैसे महान वीडियो गेम्स में पहले से ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तकनीक मौजूद थी। तथापि, व्यापक अर्थ में, आज गेम्स में AI तकनीक के एकीकरण की गति
सभी प्रकार के गेम्स में एक समान स्तर पर नहीं है
, यह एकीकरण अभी अपने आरंभिक चरण में है और उपयोगकर्ता के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयोग जारी हैं।

हम AI द्वारा नियंत्रित क्रियाओं के एक विविध संसार की ओर बढ़ रहे हैं।
अगले 10 वर्षों में AI हमारे दैनिक जीवन में गहराई से प्रवेश कर जाएगा, केवल गेम्स तक सीमित नहीं, बल्कि परिवहन से लेकर युद्ध और शिक्षा तक, और यह पूरी दुनिया के हर कोने में होगा। उदाहरण के लिए, एक हालिया अध्ययन के अनुसार, अमेरिका, जापान और कई अन्य देशों के अधिकांश हिस्सों में आवासों को बुद्धिमान घरों में बदलने के लिए AI तकनीक को लागू करना आवश्यक होगा।  

बहुत कम लोग इस बात से पूरी तरह अवगत हैं कि AI धीरे-धीरे लेकिन निरंतर रूप से हमारे दैनिक जीवन में प्रवेश कर रही है, स्मार्टफ़ोन के कैमरों से लेकर Siri, Alexa जैसे सहायकों तक। यदि हम सांख्यिकी और विशेषज्ञों की राय पर भरोसा करें, तो AI तकनीक का क्षेत्र अगले दस वर्षों में दुनिया को बदलने की दिशा में काम कर रहा है। इसके अलावा, वीडियो गेम उद्योग अगले पाँच वर्षों में सबसे अधिक परिवर्तित होने वाला माना जा रहा है, क्योंकि AI रोज़गार सृजन और नए व्यवसायों के लिए अवसर पैदा करेगा।

AI के अवसर

फ़ोटो Mike MacKenzie द्वारा / CC BY 2.0

कैप्शन : AI में करियर शुरू करने वाले लोग निकट भविष्य में किसी भी नए प्रकार की तकनीक के साथ आसानी से तालमेल बिठा सकेंगे

इसलिए, आज कई छात्र AI से संबंधित अध्ययन को एक व्यवहार्य करियर विकल्प के रूप में चुन रहे हैं। AI विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी, और इसी को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक संस्थान भविष्य की मांग पूरी करने के लिए अपने पाठ्यक्रमों में AI तकनीक को शामिल कर छात्रों को तैयार कर रहे हैं। AI विशेषज्ञ इस तरह निकट भविष्य में किसी भी नए प्रकार की तकनीक के साथ आसानी से तालमेल बिठा सकेंगे।

व्यवहार में, AI की उभरती अवधारणा को हाल ही में कुछ गेम्स में खोजा गया है, जैसे Creatures, Black & White और Nintendogs। इन गेम्स में पालतू जानवर खिलाड़ी की क्रियाओं से सीख सकते हैं और उसी के अनुसार उनका व्यवहार बदल जाता है। हालांकि ये विकल्प सीमित दायरे में चुने जाते हैं, जागरूकता और ज्ञान की कमी के कारण यह तकनीक अभी भी अस्पष्टता के दायरे में है, और अगले पाँच वर्षों में इसके और अधिक परिपक्व होने की उम्मीद है।

गेमिंग क्षेत्र अभी पूरी तरह से कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा नियंत्रित नहीं है, लेकिन इस तकनीक को पूरी तरह अपनाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना बहुत निकट भविष्य में चल रही है।

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